मेरा बचपन मेरी मम्मा की नज़र से...

Sunday, October 24, 2010

पापा की बड़ी उलझन-------------अनुष्का


मेरे सारे डाक्युमेंट्स आते ही बस हमारा इण्डिया विज़िट तय हो गया ....पापा ने छुट्टियों के लिए आवेदन दिया लेकिन उन दिनों उनके प्रोजेक्ट में इतना काम था कि अगले २ महीनो तक छुट्टियाँ मिलने की संभावना नहीं दिख रही थी इसलिए पापा ने मम्मी  और मेरे ही टिकिट्स करा दिए . ममा तो वैसे भी ३-४ महीनो के लिए जाना चाहती थी और  माई(नानी), डैडीजी(नानाजी) और दादी दादू , दादी माँ के साथ जी भर कर रहना चाहती थी  इसलिए पापा का दो महीने बाद ही आना तय हुआ
हमारे टिकिट्स होने के बाद दौर शुरू हुआ शोपिंग और पैकिंग का...... पापा के ऑफिस से आते ही हम लोग शोपिंग करने जाते और घर होते तो पैकिंग करते . तब पापा ही मेरा ध्यान रखते और मेरी शरारतों को केमरे में कैद करते रहते ....कहते तुम लोग इतने दिनों के लिए जाओगे तो मैं इन्ही तस्वीरों को देख कर मन बहलाया करूँगा .....

सुबह उठते ही मस्ती शुरू .....पापा और मेरी 
इण्डिया से माई ने याद से भिजवाई थी ये चुकनी.....मैंने ऐसे उपयोग किया  :)

मेरे जन्म के बाद से एक साल तक  हर महीने की २६ तारीख को ममा मेरा जन्मदिन मनाती थी इस बार मेरे ६ माही जन्मदिन पर मैने पापा के साथ केक काटा क्योंकि अगले माह की २६  तारीख को तो हम इण्डिया में होंगे .....
पापा और पापा के बेस्ट फ्रेंड मेरे बेस्ट चाचू ....विशाल चाचू के साथ ६ माही जन्मदिन
इण्डिया जाने के बाद तुरंत ही हमें जयपुर जाना है ...मेरी भुआ( पापा की भुआ की बेटी ) की शादी है .....जहाँ मेरा सभी से मिलना भी होगा इसीलिए ममा बहुत बिज़ी है पैकिंग में ...मैं भी बहुत मदद कराती हूँ  :)
उफ़ ! कितना काम है ...

19 comments:

Udan Tashtari said...

६ माही जन्म दिन :)

कब जा रही हो भारत...तारीख तो बताओ?

संजय भास्कर said...

jaldi aao anuska
i m waiting for u..

संजय भास्कर said...

hum milna chahte hai aapse
kab tak tasviro se dil behlate rahenge

रावेंद्रकुमार रवि said...

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फ़ोटो खिंचवाना भी एक कला है!
सचमुच, बहुत अच्छी अदाएँ देती है, अनुष्का!
और खींचनेवाले की तो बात ही निराली है!

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निर्मला कपिला said...

तो क्या तुम पापा के बिना रह लोगी? तुम भी पापा ज्की बहुत सी तस्वीरें ले जान मगर ये वेब कैम कब काम आयेगा? रोज़ उसी से पापा को देख लिया करना। जल्दी आओ। आशीर्वाद।

यश(वन्त) said...

बहुत अच्छा लगा अनुष्का...अब बस जल्दी से आ जाओ...और हाँ हमेशा ऐसे ही हंसती मुस्कुराती रहो.
God Bless !

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

तो...पापा के बगैर ही आना पड़ रहा है...
कोई बात नहीं, अनुष्का ’पापा’ लोगों को काम उलझा लेता है ना.

माधव( Madhav) said...

कब आ रही हो भारत...तारीख तो बताओ?और हां भारत में कहा कहा जाना है बताया ही नहीं , दिल्ली में आना तो मिल के जाना

गिरीश बिल्लोरे said...

वाह क्या बात है
बहना का आना गोया सैकड़ों सितार झंकृत हो गईं
सादर

गिरीश बिल्लोरे said...

अनुष्का को स्नेह
दामाद जी को प्रणाम

Saba Akbar said...

अरे बेटा.. इत्ता काम ना करो.. थक जाओगी :)

shikha varshney said...

हाँ वाकई काम तो बहुत होता है इंडिया जाने से पहले ..जाओ कुछ खा लो फिर मम्मा के मदद करना.

Coral said...

बहुत अच्छा लगा सुनके देश जा रही हो....

बहुत सारी तस्वीरे देना

एस.एम.मासूम said...

देश जाते की ख़ुशी अच्छी लगी. खुश रहो हमेशा

ZEAL said...

.

Lots of love and hugs to this beautiful doll.

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ताऊ रामपुरिया said...

लास्ट वाला फ़ोटो देखकर तो हमारा जी भर आया. कितना काम करना पड रहा है अनुष्का को?:)

आजावो फ़टाफ़ट...इंतजार हो रहा है.

रामराम.

Pankhuri Times said...

अरे वाह अनुष्का दीदी, ये तो हमारा सेम-सेम हो गया.मेरा भी जन्मदिन पापा ने एक साल तक हर महीने की बीस तारीख को मनाया था. आप बहुत क्यूट लग रही हो. मेरा ढेर सारा पाऽऽऽऽ आपके लिये.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत-बहुत बधाई!
--
तुम्हारे नाना जी स्वागत के लिे तैयार है!
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आपकी चर्चा तो हमने
बाल चर्चा मंच पर भी कर दी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/10/25.html

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

अनुष्का बिटिया को ढेर सारा आशीष हमारी ओर से भी।