मेरा बचपन मेरी मम्मा की नज़र से...

Sunday, October 3, 2010

बबल बबल , चारो ओर........अनुष्का

जब निकले मौज मस्ती को तो फिर बस मस्ती ही मस्ती ......चाचू  ने दिलाई मुझे नई बबल गन . 

इस गन से मैंने ढ़ेर सारे  बबल बनाए .....

 
चारो ओर बबल बबल . 

आते जाते लोग भी मेरी गन से बने बबल्स को देख देख खुश हो गए और मुझे तो सबके ऊपर बबल डालने में बड़ा मज़ा आया ....

जब तक गन की बेटरी नहीं गई मैने तो नॉन स्टॉप बबल बनाए अभी फुर्सत मैं हूँ ....
आज पापा के साथ नई बेटरी लेकर आऊँगी :D

5 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बबल बनाने में बहुत मज़ा आ रहा है :):)

बहुत सुन्दर

रावेंद्रकुमार रवि said...

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बबल बनानेवाली बबली!
मोहक है मुस्कान तुम्हारी!

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शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

वाह... अनुष्का खूब मस्ती कल रही है.
लेकिन ये बताओ किसी को तंग या परेशान तो नहीं किया न
नहीं... शाबाश

रंजन said...

आदि दीवाना है बब्ब्ल्स का.. कोई १०-१२ गन खरीद लिए... और पानी लीटर में.. बहुत मस्त है..

प्यार...

Akshita (Pakhi) said...

वाह, यह बबल-गन तो बहुत मजेदार है..खूब मस्ती करने का.