मेरा बचपन मेरी मम्मा की नज़र से...

Thursday, September 23, 2010

मस्ती का दौर शुरू -----------------अनुष्का


दादू दादी के इण्डिया चले जाने के बाद मम्मा थोड़ी अकेली पढ़ गई थी . मेरा ध्यान रख कर घर का भी काम देखना लेकिन विशाल चाचू (पापा के मित्र) और पापा, मम्मा की बहुत मदद कर दिया करते थे इसलिए उन्हें थोड़ी आसानी रहती थी . चाचू रोज़ ऑफिस से आकर मुझे बहार घुमाने लेजाते पापा और चाचू मिलकर मुझे बहुत हँसाते और बड़ी मस्ती करते ....

पापा और चाचू की बातों पर एक जोर का ठहाका :)
मम्मी तो मुझे अक्सर पालने में लेटा कर अपना काम करती थी और कुछ गुनगुनाया करती फिर थोड़ी थोड़ी देर में आकर मुझसे बातें करने लगती. मुझसे बातें किये बिना उनका तो मन ही नहीं लगता वैसे भी बात करना तो मुझे बहुत अच्छा लगता ही है ...

झूल मैना झूल तेरी टोपी में फूल.....यही गाती थी मम्मा
मम्मा की फ्रेंड्स भी काफी मदद कर दिया करती थी . अक्सर दोपहर में मम्मा की मदद को घर आजाती तो उनके साथ मेरे छोटे छोटे फ्रेंड्स भी होते जिन्हें देख कर में भी बहुत खुश हो जाती और जोर जोर से हाथ पैर मरने लगती...अगर मम्मा मुझे निचे लेटा देती तो मैं रोल रोल होकर पुरे घर में घूम लिया करती ....

टमी टाइम भी होजाता और घर का मुआयना भी
 अभी मैं ३ महीने की ही थी कि मेरी फर्स्ट एंड फास्ट फ्रेंड "स्वरा" का पहला जन्मदिन आया ...मौसी और सिया स्वरा ने मुझे ख़ास तौर पर जन्मदिन की पार्टी में बुलाया. मैं भी छोटी थी तो क्या हुआ बड़े अच्छे से सज धज कर पार्टी में गई .....

पार्टी में जाने की ख़ुशी है भाई .......और क्या !!


अच्छी तो लग रही हूँ ....न
 जब मैं पार्टी में गई तो मुझे देख सब बहुत खुश हो गए और मौसी ने भी मुझे बहुत प्यार किया यह मेरी पहली पार्टी थी . इतने सारे लोगो के बिच नई नई चीजों को मैं बहुत गौर से देख रही थी ...मम्मा तो डर रही थी कि शायद मैं वहाँ रोने लगू लेकिन इसके विपरीत मैने तो इन सब का बहुत आनन्द लिया ...
मम्मी की फ्रेंड सुमेधा मौसी मुझे प्यार करते हुए ...



 मैं तो  वहाँ आए सभी मेहमानों को गौर से देख कर उनसे पहचान बना रही थी . बारी बारी सबने मुझे अपनी गोद में लेकर ढ़ेर सारा प्यार किया नए नए लोगों और नई नई चीजों को देखने में मुझे आनन्द आरहा था  आखिर अब मेरा मस्ती का दौर जो शुरू हो गया था

16 comments:

संजय भास्कर said...

अब मस्ती का दौर जो शुरू हो गया था

संजय भास्कर said...

are aaj to anuska pari lag rahi hai.

mama ki taraf se subhkaamnaye

khoob masti karo.......

mummy ko pareshaan mat karna.......

ललित शर्मा said...

hone do masti......karne do masti.

रंजन said...

वाह क्या दिन थे छुटपन के.. :)

प्यार..

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

खूब बढ़िया रही पार्टी ....बहुत सुन्दर लग रही हो पिंक फ्राक में ..

माधव said...

क्या बात है ,प्यार

रावेंद्रकुमार रवि said...

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मुस्कान सजी बेहद अच्छी!
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डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

अनुष्का बिटिया!
नाना जी तो तुम्हारी मुस्कान पर फिदा हो गये!
तुम्हारा नाना!

Udan Tashtari said...

ऐसा जबरदस्त ठहाका..पूरा मौसम खुशनुमा हो गया यहाँ भी..हमेशा ऐसे ही खुश रहो.

Akshita (Pakhi) said...

हंसती हुई अनुष्का तो क्यूट लग रही है...

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'पाखी की दुनिया' में- डाटर्स- डे पर इक ड्राइंग !

ताऊ रामपुरिया said...

नन्ही परी से मिल कर तबियत खुश होगई.

रामराम

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी पोस्ट की चर्चा "बाल चर्चा मंच"
पत्रिका पर भी है!
http://mayankkhatima.blogspot.com/2010/09/19.html

Akanksha~आकांक्षा said...

अनुष्का बिटिया ..खूब मस्ती करो. ..प्यार व शुभकामनायें.

anjana said...

nice

चैतन्य शर्मा said...

हम बच्चे तो मस्ती करने के बहाने ही ढूढ़ते रहते हैं...... आपकी मस्ती देखकर भी मज़ा आया....पिंक ड्रेस वाली परी......

शुभम जैन said...

खूब मस्ती करो...अनुष्का को ढेर सारा प्यारा...
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