मेरा बचपन मेरी मम्मा की नज़र से...

Tuesday, September 14, 2010

छठे दिन की छठी पूजन .....अनुष्का


अभी हॉस्पिटल से घर आने के बाद थकान थोड़ी सी ही उतरी थी और मम्मी वाइरल इन्फेक्शन से ग्रस्त हो गई.... सभी लोगो को मम्मा की बहुत चिंता हो रही थी और मुझे भी क्योंकी वो मुझे बहुत चाह कर भी कम ही दुलार पाती थी । अचानक २ तारीख की सुबह सुबह दादी को याद आया की आज मेरे जन्म को छः दिन होंगे अर्थात आज उन्हें छठी पूजन करनी है । बच्चों के जन्म के बाद छठे दिन छठी माता की पूजन का रिवाज है । कहते है ये पूजा श्री कृष्ण के जन्मकाल से चली आरही है । दादी ने मम्मा को बताया की इसी दिन भ्रम्म देव और विधाता माता बच्चे का भाग्य लिखते है ।
तो दादी ने भी पाठे पर हल्दी से छठी माता बनाई उनकी पूजन कर मेरे हाथ, पैर और कमर में कला धागा बांधा और गले में काले धागे में अर्ध चन्द्र के साथ साथ नज़रिया (हाय ) भी पहनाया ....दादी मुझसे बड़ा प्यार करती है न इसीलिए चाहती है मुझे कभी किसी की नज़र न लगे ।


दादी ने अपने हाथों से मेरे लिए दीपक की बाती से काजल बनाया और मेरी आँखों में लगा कर मुझे कला टिका भी किया......हाँ अगले दिन मेरी डॉक्टर ( निरंजना राजन ) ने मम्मा की थोड़ी सी खिचाई भी की लेकिन दादी को छठी पूजन कर के बहुत अच्छा लगा ।


दादू कहते है उस दिन मैं बस मम्मा को ही निहार रही थी ....तब तक मेरी आँखों में माँ का चहरा भी पूरी तरह समा गया था अब तक तो मैं बस उन्हें महसूस ही करती थी न ...!

11 comments:

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

ओह छ: दिन की बिटिया तो बहुत अच्छे से मम्मा को निहार रही है ...और देखो मुझे यह तो पता है कि बच्चे के जन्म के छठे दिन छठी पूजी जाती है ..पर क्यों पूजते हैं यह तो आज तुमने बताया है ..तुम्हारी प्यारी प्यारी फोटो देख कर मन करता है कि अभी गोद में उठा लूँ :):)

शुभकामनायें ..

निर्मला कपिला said...

अरे बहुत क्यूट लग रही हो! बहुत सुन्दर। बधाई।

'अदा' said...

so cute...!!
maa ki beti hai na..isliye maa ko hi dekh rahi hai tukur-tukur..
ha ha ha..

Udan Tashtari said...

बड़ी प्यारी लग रही है अनुष्का...अच्छा लगा पढ़कर.

संजय भास्कर said...

बड़ी प्यारी लग रही है .........अनुष्का

संजय भास्कर said...

शुभकामनायें ......

रंजन said...

बहुत प्यारी हो.. :)

हरकीरत ' हीर' said...

रानी जी बेहद प्यारी बेटी है आपकी ...
अब तो तीन वर्ष की हो चुकी ....
आप सब का आपसी स्नेह देख अच्छा लगा ......
ढेरों आशीष .....!!

रावेंद्रकुमार रवि said...

सचमुच, बहुत सुंदर है!
--
बहुत-बहुत प्यार!

रावेंद्रकुमार रवि said...

सचमुच, बहुत सुंदर है!
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बहुत-बहुत प्यार!

रावेंद्रकुमार रवि said...

पहले भी बहुत अच्छी लगती थी!
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अब भी बहुत अच्छी लगती है!