मेरा बचपन मेरी मम्मा की नज़र से...

Monday, November 1, 2010

हेप्पी हेलोवीन ----------अनुष्का

हेप्पी हेलोवीन 
हेलोवीन मनाने के पीछे एक धार्मिक कारण का उल्लेख है कि इस महीने और विशेष तौर पर इसके आखरी दिनों में इस लोक और स्वर्ग नरक के बिच की दुरी बहुत घट जाती  है इसीलिए उन लोकों की आत्माएं पृथ्वी पर विचरण करती है अच्छी आत्माएं और बुरी भी . अच्छी आत्माओं का सत्कार किया जाता है और बुरी को दूर किया जाता है . सभ्यता के विकास के साथ प्रेत आत्माओं को लेकर सभी के मत में बहुत परिवर्तन हुए है .अतः अब हेलोवीन के पीछे ये मान्यता तो नहीं लेकिन उत्साह बहुत है इसे मनोरंजन और सेलिब्रेशन के दिन की तरह लिया जाता है अब .तरह तरह की पैशाखों को पहन कर केंडी और चकोलेट्स का आदान प्रदान और कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है .हमारे स्कूल में भी यह त्यौहार मनाया गया लेकिन हमारे स्कूल के सभी प्रबंधकों का यह मानना है कि हेलोवीन में पहने जाने वाले डरावने और भूतिया कास्ट्यूम से बच्चों पर अच्छा प्रभाव नहीं होता इसलिए हमें अच्छे अच्छे सुन्दर सकारात्मक कास्ट्यूम पहनने कि हिदायत दी गई ....मुझे यह बहुत अच्छा लगा .हेलोवीन की पूर्व संध्या पर मम्मी पापा के साथ मैं पहले तो पम्पकिन पैच पर गई जहाँ मैंने बड़े मज़े किये .....
इतने सारे पम्किन ..
मुझे तो यह छोटे छोटे ,रंग बी रंगे बहुत लुभाते है 


बड़े जतन से अपनी पसंद का ढूंड ही लिया .
उसके बाद ममा ने मेरा ड्रेस सेटअप किया सुबह मेरे स्कूल में हेलोवीन सेलिब्रेशन जो था . अब सरप्राईज़ यह था कि इस बार मैं फैरी बनी .....पिंक फैरी (फ्लोरा), जिसका वर्णन स्लीपिंग ब्यूटी की कहानी में आता है .
स्कूल जाने के पहले ममा ने मेरी कुछ तस्वीरें ली .....
परी हूँ मैं ....मुझे न छू ना :)
मेजिक वर्ड्स ....छुम्म !!!
आपको कैसी लगी, पिंक फ्लोरा फैरी ??

स्कूल में हमें हेलोवीन से जूड़ी कहानी सुनाई गई फिर सब बच्चों ने मिलकर एक बड़ा हैलोवीन केक कटा. कुछ गेम्स खिलाए गए उसके बाद पिनियाटा तोड़ा गया . सब बच्चों ने बारी बारी पिनियाटा पर जोर आजमाया जब वो टूटा तो ढ़ेर सारी केंडीस निकली जिसे सब बच्चों ने अपने अपने बेग में इक्कठा किया.
स्कूल में पिनियाटा फोड़ने की तैयारी है
मैं भी ज़रा २ हाथ मार लूँ 
लौटरी !!....अपनी तो निकल पड़ी ,इत्ते सारे लोलीपोप्स और केंडी

बाद में  टीचर ने सब बच्चों को हेलोवीन गिफ्ट और चोकलेट्स दिए ....बहुत मज़ा आया .
मेरी क्लास टीचर मीस ऐंडी

सेलिब्रेशन अभी जारी है :)

15 comments:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ said...

अरे वाह, अपनी अनुष्‍का बिटिया तो बडी प्‍यारी लग रही है। हमारी ओर से ढेर सारा आशीष।


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मन की गति से चलें...
बूझो मेरे भाई, वृक्ष पहेली आई।

mrityunjay kumar rai said...

bahut sundar bitiya

यश(वन्त) said...

अरे वाह!ये नन्ही परी तो बहुत प्यारी लग रही है.:)

God Bless!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कहानी बढ़िया लगी और यह कौन परी है पिंक फ्राक में??????/ अनुष्का तो नहीं?????

प्यार और शुभकामनाओं के साथ ...दीवाली की शुभकामनायें

ताऊ रामपुरिया said...

वाह अनुष्का तो बिल्कुल परी लग रही है, लग क्या रही है बल्कि अनु तो है ही परी. बहुत प्यार, शेशः का इंतजार.

रामराम

Udan Tashtari said...

अरे वाह, परी परी बनी है..कल हमारे यहाँ भी बहुत बच्चे आये कैम्डी लेने ट्रिक ऑर ट्रिट..हमें तो कई बच्चों ने डरा भी दिया. :)

बहुत प्यारी लग रही हो..ट्रीट ड्यू रही..:)

shikha varshney said...

अरे वाह फ्लोर से भी प्यारी लग रही हो अनुष्का .और हेलोइन की परेड में भी बहुत मजे आते हैं थोड़ी बड़ी हो जाओ तो वह भी देखना :)

संजय भास्कर said...

अरे वाह
अनुष्का तो बिल्कुल परी लग रही है |

संजय भास्कर said...

i love you.........anuskha

संजय भास्कर said...

प्यारी परी को ढेर स प्यार ..

संजय भास्कर said...

नन्ही परी मन खुश हो गया इतनी प्यारी ..............तस्वीरें देख कर

शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' said...

अहा...
आज तो सचमुच परी बन गई अनुष्का...

तो फिर हमारी तरफ़ से एक शेर-

बादलों के पार मैं इक और ही दुनिया में था
थाम कर उंगली चली नन्ही परी जब साथ में

Vivek Rastogi said...

नन्नी परी... ढेर सारा आशीष..

हेलोवीन हमने पहली बार देखा और इसके बारे में हमें पता चला, मजा आया, और भी बताओ..

Chinmayee said...

वाह अनुष्का बहुत सुन्दर लग रही हो .... फ्लोर ...खूबसूरत नाम दिया है मम्मा ने ...

Kailash C Sharma said...

बहुत सुन्दर प्रिय अनुष्का...बहुत शुभकामनायें