महादुर्गा नवमी के दिन सुबह सवेरे मैंने मम्मी-पापा और चाचू के साथ कुलदेवी का पूजन किया अर्चना के बाद प्रसाद लेकर शाम को हम सब मंदिर गए और फिर पहुचे..... एनेहेम कन्वेंशन सेंटर, लॉस एंजेलिस. जहाँ पर यहाँ स्थित भारत वासियों ने मिलकर डांडिया नाईट का आयोजन किया था. जब मम्मी ने मुझे कहा की हम गरबा खेलने जारहे है, तो मैं अपना लहंगा याद करके बहुत रोई ...क्योकि वो न्यू जर्सी में रखा है . हम लोग तो यहाँ बस २ महीनो के लिए आए थे सोचा ही नहीं था कि नवरात्री, दीपावली सब यही पर मनाना पड़ सकता है .....फिर मम्मी ने बहला फुसला कर मुझे यह ड्रेस पहना कर रेडी किया ....
वैसे यह भी ठीक ही लग रही है :)
तो फिर चले डांडिया खेलने ....
पहले मंदिर में माँ की वंदना
पूजन
एनेहेम कन्वेंशन सेंटर, लॉस एंजेलिस
इस भीड़ भाड़ में बहुत से अमेरिकन लोग भी है जो बिलकुल भारतियों की तरह सजे धजे है
अरे चाचू , चलो न .....मुझे भी डांडिया खेलना है !
पापा के साथ बहुत मज़े आरहे है डांडिया में
एक राउंड मम्मी के साथ भी
अचको मचको का करू राम ....
सनेड़ो सनेड़ो....
ओह ! रात के २ बज गए तो ख़त्म ........पर मुझे तो और करना है :(
डांडिया के साथ साथ कन्वेंशन सेंटर में बहुत ही लज़ीज़ हिन्दुस्तानी खाने के स्टाल भी लगे थे ...छोले भटूरे, पाँव भाजी, समोसे, कचोरी, पानी पूड़ी और पापड़ी चाट भी . मैंने छोले भटूरे बहुत मज़े से खाए और समोसे भी ....वहाँ गरबा खेलने के लिए सिर्फ भारतीय लोग ही नहीं थे बल्कि बहुत लोग अपने ग्रुप में अपने अमेरिकन दोस्तों को भी लेकर आए थे . वे लोग भी हम लोगो कि ही तरह सजे धजे थे और बहुत आनन्द लेकर गरबा कर रहे थे . कुछ घंटों के लिए ही सही लेकिन वहाँ जाकर हम यह बिलकुल भूल गाए थे कि हम यहाँ अपने देश अपने लोगों से दूर सात समन्दर पार है .......वहाँ तो सब अपने थे बस जाकर खड़े होने की देर और हर कोई प्रसन्न मन से हमारे साथ थिरकने लगता यही सही अर्थों में अपनापन, प्यार और एकता है .
आप भी अपनी आँखों से देखिये इस वीडियों में..... लॉस एंजेलिस में नवरात्री में हुई रास गरबे की धूम और अंत में मैंने भी मम्मी पापा के साथ कितना डांडिया किया और भरपूर आनन्द लिया ....