मेरी पिछली पोस्ट में आपने देखा नृत्य क्षेत्र में मेरा पहला दिन ....आज मैं आपको बता रही हूँ मेरी गुरु दीपाली आंटी के द्वारा दिया गया पहला उपहार, उनका प्यार और आशीर्वाद मेरे पहले घुंघरू के रूप में . मेरी अगली क्लास में आंटी ने की घुंघरू पूजन और मैंने पाए आपने पहले घुंघरू जिन्हें देखते ही मैं बहुत खुश हो गई . घर आते ही मैंने दादू , दादी को ऑनलाइन अपने घुंघरू दिखाए और बहुत छम छम डांस किया ...सारा घर गूंज उठा !!
ये है कुछ झलकियाँ ...
ये है कुछ झलकियाँ ...